फीस वसूली पर बड़ा एक्शन! सेठ एमआर जयपुरिया समेत 8 स्कूलों को नोटिस, 5 लाख जुर्माने की चेतावनी

लखनऊ में मनमानी फीस बढ़ोतरी के आरोप में सेठ एमआर जयपुरिया समेत 8 निजी स्कूलों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। 1 जून तक जवाब न देने पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

फीस वसूली पर बड़ा एक्शन! सेठ एमआर जयपुरिया समेत 8 स्कूलों को नोटिस, 5 लाख जुर्माने की चेतावनी

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 22 मई 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में अभिभावकों की शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें कई बड़े स्कूलों पर गंभीर सवाल खड़े हुए। जांच के बाद 8 स्कूलों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों के खिलाफ फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को अब किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित स्कूलों को 1 जून 2026 तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उन पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अभिभावकों की शिकायतों पर हरकत में आया प्रशासन

जिला शुल्क नियामक समिति के पास पिछले कई महीनों से निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने की शिकायतें लगातार पहुंच रही थीं। अभिभावकों का आरोप था कि बिना किसी स्पष्ट कारण के स्कूल फीस में भारी बढ़ोतरी कर रहे हैं, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच कराई। जांच के दौरान कई स्कूलों से दस्तावेज और शुल्क संबंधी विवरण मांगे गए। समीक्षा के बाद 8 स्कूलों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।

 दो स्कूलों ने मानी गलती

जांच में दोषी पाए गए दो स्कूलों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इन स्कूलों ने प्रशासन को लिखित आश्वासन दिया है कि बढ़ाई गई अतिरिक्त फीस का समायोजन अगले महीने की फीस में किया जाएगा। इससे अभिभावकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।प्रशासन का कहना है कि यह कदम अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की आर्थिक मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

 इन स्कूलों पर गिरी प्रशासन की गाज

जिन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है उनमें एलन हाउस पब्लिक स्कूल, सीलवती आदर्श पब्लिक स्कूल, आश्रम अकादमी, हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज, सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज, सेठ एमआर जयपुरिया गोयल परिसर, ब्राइट वे इंटर कॉलेज और केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल शामिल हैं।इन सभी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने पूछा है कि नियमों के उल्लंघन और मनमानी फीस बढ़ोतरी के मामले में उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई क्यों न की जाए।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावक हितैषी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ कहा कि निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अन्य निजी स्कूलों को भी स्पष्ट संदेश जाएगा कि नियमों से बाहर जाकर फीस बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में अन्य स्कूलों की भी जांच तेज की जा सकती है।

इन 8 स्कूलों पर फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

 एलन हाउस पब्लिक स्कूल

एलन हाउस पब्लिक स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने नए सत्र में नियमों से अधिक फीस बढ़ा दी। शिकायत में कहा गया कि कई अतिरिक्त शुल्क भी जोड़े गए, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। जिला शुल्क नियामक समिति ने जांच के दौरान फीस से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की, जिसमें कई बिंदुओं पर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

. सीलवती आदर्श पब्लिक स्कूल

सीलवती आदर्श पब्लिक स्कूल के खिलाफ भी मनमानी फीस वृद्धि की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। अभिभावकों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना के शुल्क बढ़ा दिया गया और कई नई मदों में फीस वसूली शुरू कर दी गई। जांच में शिकायतों को सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

. आश्रम अकादमी

आश्रम अकादमी के खिलाफ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल ने निर्धारित मानकों का पालन किए बिना फीस बढ़ाई। कई अभिभावकों ने कहा कि अचानक बढ़ी फीस के कारण बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें शुल्क वृद्धि से संबंधित शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद स्कूल को कारण बताओ नोटिस भेजा गया।

. हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज

हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज पर भी अभिभावकों ने अत्यधिक फीस वसूली का आरोप लगाया। शिकायतों में कहा गया कि स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों की सहमति के बिना फीस में बढ़ोतरी की। जांच के दौरान प्रशासन ने शुल्क संरचना और पुराने रिकॉर्ड की तुलना की, जिसमें अंतर पाया गया। इसके बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज

सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज के खिलाफ भी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आई थीं। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल ने शिक्षा शुल्क के अलावा अन्य मदों में भी अतिरिक्त रकम वसूली। जिला शुल्क नियामक समिति ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच में कई शिकायतें सही पाई गईं। प्रशासन ने स्कूल को स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सेठ एमआर जयपुरिया गोयल परिसर

शहर के चर्चित निजी स्कूलों में शामिल सेठ एमआर जयपुरिया गोयल परिसर पर भी फीस बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठे। अभिभावकों का आरोप था कि स्कूल ने पिछले वर्ष की तुलना में फीस में काफी अधिक वृद्धि की है। जांच में यह मामला सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने स्कूल को नोटिस जारी किया। इस कार्रवाई के बाद अभिभावकों में राहत की भावना देखी जा रही है।

ब्राइट वे इंटर कॉलेज

ब्राइट वे इंटर कॉलेज के खिलाफ शिकायत थी कि स्कूल ने अचानक फीस बढ़ाकर अभिभावकों को परेशान किया। कई अभिभावकों ने कहा कि उन्हें बढ़ी हुई फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। जिला प्रशासन ने जांच के दौरान शुल्क वृद्धि से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की और शिकायतों को सही पाया। इसके बाद स्कूल को जवाब देने के निर्देश दिए गए।

केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल

केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल पर भी नियमों के विपरीत फीस बढ़ाने का आरोप लगा। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल ने शिक्षा के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। जांच में शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।