पेट्रोल-डीजल को लेकर बढ़ी घबराहट! कई राज्यों में सीमित हुई बिक्री, पंपों पर लंबी कतारें

देश के कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है, जबकि लंबी कतारों और अफवाहों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार ने लोगों से घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करने की अपील की है।

पेट्रोल-डीजल को लेकर बढ़ी घबराहट! कई राज्यों में सीमित हुई बिक्री, पंपों पर लंबी कतारें

 दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 मई 2026

 पेट्रोल-डीजल को लेकर बढ़ी बेचैनी, कई राज्यों में सीमित हुई बिक्री

देश के कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल को लेकर चिंता का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। कई इलाकों में पेट्रोल पंपों तक तेल के टैंकर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसके कारण कुछ पंप संचालकों ने मजबूरी में सीमित मात्रा में ही ईंधन देना शुरू कर दिया है। कहीं दोपहिया वाहनों के लिए तय सीमा लागू की गई है, तो कहीं चारपहिया वाहनों को भी निश्चित रकम तक ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इससे लोगों के बीच घबराहट और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।लगातार बढ़ती भीड़ के कारण कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पहुंच रहे हैं, जिससे कई स्थानों पर भंडार तेजी से कम हो रहा है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार यह दावा कर रही हैं कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।

 मध्य पूर्व तनाव का असर भारत तक पहुंचा

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच यह डर बढ़ गया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है। इसी डर ने अचानक मांग बढ़ा दी है। वास्तविक संकट से ज्यादा परेशानी अफवाहों के कारण पैदा हो रही है। सोशल माध्यमों पर लगातार ऐसे संदेश फैलाए जा रहे हैं जिनमें तेल संकट और आपूर्ति ठप होने जैसी बातें कही जा रही हैं। इससे आम लोगों के बीच भय का माहौल बनता जा रहा है।

 उत्तराखंड में सबसे ज्यादा असर

उत्तराखंड के कई शहरों में हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में कई छोटे पेट्रोल पंपों पर सीमित भंडार बचने की खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर तो ‘भंडार समाप्त’ के बोर्ड तक लगाने पड़े।पंप संचालकों का कहना है कि टैंकरों की आपूर्ति में देरी होने के कारण उन्हें सीमित बिक्री करनी पड़ रही है। उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उपलब्ध ईंधन पहुंचाना है ताकि किसी एक व्यक्ति द्वारा अत्यधिक खरीदारी न की जा सके।

 अफवाहों ने बढ़ाई मुश्किल

तेल संकट से ज्यादा चिंता अफवाहों ने पैदा की है। कई लोग ड्रम और बोतलों में अतिरिक्त पेट्रोल जमा करते दिखाई दे रहे हैं। इससे अचानक मांग बढ़ी और कई पंपों पर सामान्य से ज्यादा दबाव बन गया।सरकार और तेल कंपनियों ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की कोई बड़ी कमी नहीं है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। उनका कहना है कि घबराहट में की जा रही अतिरिक्त खरीदारी ही अस्थायी संकट की सबसे बड़ी वजह बन रही है।

सफर पर निकलने से पहले बरतें सावधानी

अगर आप लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं तो पहले अपने मार्ग के पेट्रोल पंपों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। कई शहरों में लंबी लाइनें लग रही हैं और कुछ जगहों पर सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है।वाहन का टैंक पूरी तरह खाली होने का इंतजार न करें। यात्रा से पहले आवश्यक मात्रा में ही ईंधन भरवाएं और अनावश्यक खरीदारी से बचें। इससे दूसरे लोगों को भी समय पर पेट्रोल और डीजल मिल सकेगा।

सरकार ने लोगों से की संयम बरतने की अपील

सरकार का कहना है कि रिफाइनरी और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और राष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़े संकट जैसी स्थिति नहीं है।प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। जानकारों का कहना है कि यदि लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना बंद कर दें तो हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। फिलहाल पूरे देश में पेट्रोल और डीजल को लेकर बढ़ती चिंता चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।