पीओजेके में गोलीबारी पर भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब!

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी के बाद भारत ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान दमनात्मक कार्रवाई कर रहा है।

पीओजेके में गोलीबारी पर भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब!

दि राइजिंग न्यूज़ | मुजफ्फराबाद  | 14 जुलाई 2026

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी और बढ़ते तनाव के बाद भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां के लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान बल प्रयोग और दमन का रास्ता अपना रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इन घटनाओं पर ध्यान दे और पाकिस्तान को उसके कथित कृत्यों के लिए जिम्मेदार ठहराए। इस बीच क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और अधिक तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


पीओजेके में बढ़ा तनाव, भारत ने पाकिस्तान को घेरा

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन और सेना के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों के दौरान कथित गोलीबारी की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान की कार्यप्रणाली पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओजेके में हो रहे प्रदर्शन किसी बाहरी कारण से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों और असंतोष का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि दशकों से वहां के नागरिक बुनियादी सुविधाओं, लोकतांत्रिक अधिकारों और सम्मानजनक जीवन से वंचित रहे हैं, जिसके कारण लोगों में व्यापक असंतोष है।


विदेश मंत्रालय का आरोप- शिकायतें दूर करने के बजाय दमन कर रहा पाकिस्तान

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थानीय लोगों की जायज मांगों और शिकायतों को सुनने के बजाय पाकिस्तान की सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया है। मंत्रालय के अनुसार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और अधिक बिगड़ गए।विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों तक को कथित कार्रवाई का सामना करना पड़ा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने, संचार सेवाओं पर रोक लगाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग जैसी घटनाओं को लेकर भारत ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय का कहना है कि ऐसे कदम किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं।


भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की हस्तक्षेप की अपील

भारत ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया है कि वह पीओजेके की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।भारत का कहना है कि पाकिस्तान को इन घटनाओं के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि दुनिया के देश मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएंगे तथा पूरे घटनाक्रम पर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाएंगे।


मुजफ्फराबाद मार्च की घोषणा से बढ़ी हलचल

जम्मू-कश्मीर संयुक्त आवामी एक्शन कमेटी ने पंद्रह जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर बड़े मार्च का आह्वान किया है। संगठन ने क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।संगठन का दावा है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए हैं। इन दावों के कारण पूरे क्षेत्र का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


गोलीबारी के दावों के बाद बढ़ी चिंता

रिपोर्टों के अनुसार, बारह जुलाई को आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कथित गोलीबारी की गई। प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठन का दावा है कि रैली में हजारों लोग शामिल हुए थे और कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए।इन दावों के बाद पूरे क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बना हुआ है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। घटनाओं के स्वतंत्र सत्यापन को लेकर विभिन्न पक्षों के अलग-अलग दावे हैं, इसलिए अंतिम स्थिति आधिकारिक और स्वतंत्र जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


पीओजेके के हालात पर दुनिया की नजर

पीओजेके में लगातार बढ़ रहे तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान आवश्यक है। वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।अब सभी की नजर आने वाले दिनों में होने वाले विरोध प्रदर्शनों, पाकिस्तान की अगली कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर बनी हुई है। यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।