बंगाल दिवस पर किसानों को बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त भी जारी की गई, जिससे देशभर के करोड़ों किसानों को लाभ मिलेगा।

बंगाल दिवस पर किसानों को बड़ी सौगात

दि राइजिंग न्यूज़ | हुगली | 20 जून 2026

बंगाल दिवस पर विकास परियोजनाओं की सौगात

पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेलवे और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। हुगली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।इस अवसर पर देशभर के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त भी जारी की गई। इसके तहत 18,880 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे गए, जिससे 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।

पश्चिम बंगाल में शुरू हुई फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की। इसके माध्यम से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की मार और फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।वर्ष 2026-27 के दौरान इस योजना के तहत लगभग 50 लाख किसानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जाएगा। इसके अंतर्गत लगभग 28,140 करोड़ रुपये की बीमित फसलें शामिल होंगी।

एग्री स्टैक से मिलेगा डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म

डिजिटल कृषि मिशन के तहत प्रधानमंत्री ने एग्री स्टैक का भी शुभारंभ किया। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों को कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएगा।इसके जरिए किसानों को खाद वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन का भी शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य रसायन मुक्त और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।राज्य में 346 प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जो 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले होंगे। इसके अलावा बायो इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे तथा कृषि सखियों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा।

धन धान्य कृषि योजना होगी लागू

कृषि विकास को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना भी लागू की गई। यह योजना पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों में शुरू की जाएगी।इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करना और फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे का विकास करना है। साथ ही किसानों को संस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।

मत्स्य पालन क्षेत्र को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री ने दक्षिण 24 परगना जिले के फ्रेजरगंज में आधुनिक और उच्च क्षमता वाले फिशिंग हार्बर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही बीरभूम जिले के सैंथिया में आधुनिक मछली मंडी का भी लोकार्पण किया गया।इन परियोजनाओं से मछली पकड़ने, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाओं में सुधार होगा। इससे मछुआरों और मत्स्य कारोबार से जुड़े लोगों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

पशुपालन क्षेत्र को भी मिला बड़ा प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री ने नदिया जिले के हरिघाटा में बकरियों के लिए क्षेत्रीय सीमेन उत्पादन प्रयोगशाला और सीमेन बैंक का उद्घाटन किया।राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत विकसित यह सुविधा पूर्वी भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। इससे वैज्ञानिक पशु प्रजनन, नस्ल सुधार और पशुधन उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहेगा प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से पश्चिम बंगाल के कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। फसल सुरक्षा, डिजिटल सेवाएं, प्राकृतिक खेती, सिंचाई, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है।प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई इन परियोजनाओं को राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में लाखों किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सकता है।