चोटिल श्रेयंका वर्ल्ड कप से बाहर

महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल टखने की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। उनकी जगह युवा लेग स्पिनर प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

चोटिल श्रेयंका वर्ल्ड कप से बाहर

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जून 2026

भारतीय टीम को लगा बड़ा झटका

महिला टी20 विश्व कप 2026 के बीच भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल टखने की चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। यह खबर भारतीय टीम के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि श्रेयंका टीम की गेंदबाजी और फील्डिंग दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।

नीदरलैंड्स के खिलाफ लगी चोट

श्रेयंका पाटिल को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए ग्रुप चरण के मुकाबले में लगी। हेडिंग्ले में खेले गए इस मैच के दौरान पावरप्ले के अंतिम ओवर में गेंद को रोकने की कोशिश करते समय उनका टखना मुड़ गया।चोट लगने के बाद वह मैदान पर दर्द से कराहती नजर आईं। मेडिकल टीम ने तुरंत उनका परीक्षण किया और उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया। बाद की जांच में पुष्टि हुई कि वह शेष टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगी।

प्रेमा रावत को मिला मौका

भारतीय टीम प्रबंधन ने श्रेयंका पाटिल के स्थान पर 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभी तक पदार्पण नहीं करने वाली प्रेमा को आईसीसी की तकनीकी समिति से भी मंजूरी मिल चुकी है।प्रेमा रावत ने हाल के वर्षों में घरेलू क्रिकेट और महिला प्रीमियर लीग में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और घरेलू स्तर पर उत्तराखंड की सफलता में भी अहम योगदान दिया।

श्रेयंका की कमी भरना आसान नहीं

भारतीय टीम के लिए श्रेयंका पाटिल की अनुपस्थिति बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। वह केवल एक प्रभावी ऑफ स्पिनर ही नहीं बल्कि बेहतरीन फील्डर भी हैं। बाएं हाथ की बल्लेबाजों के खिलाफ उनकी गेंदबाजी टीम के लिए महत्वपूर्ण हथियार मानी जाती रही है।इसके अलावा डेथ ओवरों में भी कप्तान अक्सर उन पर भरोसा जताती थीं। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के संतुलन को प्रभावित कर सकती है।

डेथ बॉलिंग पर पड़ सकता है असर

भारतीय टीम के मौजूदा दल में ऐसी गेंदबाजों की संख्या सीमित है जिनके पास डेथ ओवरों में नियमित गेंदबाजी का अनुभव है। श्रेयंका इस भूमिका में लगातार सफल रही हैं और दबाव के क्षणों में विकेट निकालने की क्षमता रखती हैं। उनकी अनुपस्थिति से टीम की डेथ बॉलिंग रणनीति पर असर पड़ सकता है और टीम प्रबंधन को नए संयोजन तलाशने पड़ सकते हैं।

लगातार चोटों से जूझ रही हैं श्रेयंका

पिछले दो वर्षों में श्रेयंका पाटिल कई बार चोटों की वजह से मैदान से दूर रही हैं। लगातार फिटनेस चुनौतियों का सामना करने के बाद उन्होंने वापसी की थी, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर फिर चोटिल होना उनके लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।

प्लेइंग इलेवन को लेकर बढ़ी उत्सुकता

अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि भारतीय टीम अगले मुकाबले में प्रेमा रावत को सीधे अंतिम एकादश में शामिल करती है या फिर अनुभवी स्पिनर राधा यादव को प्राथमिकता देती है।दोनों खिलाड़ियों के पास उपयोगी बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग की क्षमता है, जिससे टीम को संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबला

भारतीय टीम को 21 जून को ओल्ड ट्रैफर्ड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबला खेलना है। सेमीफाइनल की दौड़ के लिहाज से यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है।ऐसे समय में श्रेयंका पाटिल का टीम से बाहर होना भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय है। अब टीम प्रबंधन और कप्तान के सामने चुनौती होगी कि वह उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ सही संयोजन तैयार कर विश्व कप अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाएं।