धक्का मुक्की विवाद पर श्रीलंकाई कप्तान ने चुप्पी तोड़ी

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद हुए धक्का-मुक्की विवाद पर अब श्रीलंकाई कप्तान ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कप्तान ने साफ कहा कि उनकी टीम किसी खिलाड़ी को निशाना नहीं बना रही थी और मैदान पर जो कुछ हुआ वह केवल दबाव और भावनाओं का परिणाम था। यह बयान फाइनल से पहले माहौल को और गर्म कर रहा है।

धक्का मुक्की विवाद पर श्रीलंकाई कप्तान ने चुप्पी तोड़ी

दि राइजिंग न्यूज़ | दांबुला | 21 जून 2026

श्रीलंकाई कप्तान का बयान और सफाई

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद हुए धक्का-मुक्की विवाद पर अब श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कप्तान ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उनकी टीम का किसी भी खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने उन सभी रिपोर्ट्स को खारिज किया जिनमें दावा किया गया था कि श्रीलंकाई खिलाड़ी खास तौर पर भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उकसा रहे थे। उनके मुताबिक मैदान पर जो कुछ हुआ, वह सिर्फ मैच के दौरान बने दबाव और भावनात्मक माहौल का नतीजा था।


सुपर ओवर के बाद बढ़ा तनाव और मैदान पर बहस

लीग चरण का यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा था, जिसका फैसला सुपर ओवर में हुआ और श्रीलंका ए ने जीत हासिल की। लेकिन मैच खत्म होने के बाद ही स्थिति अचानक बदल गई। खिलाड़ियों के बीच पहले हल्की बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक में बदल गई।इसी दौरान भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलंबगे के बीच तीखी कहासुनी हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक हलंबगे की ओर से कुछ उकसाने वाली टिप्पणियां भी की गईं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद वैभव ने प्रतिक्रिया देते हुए हलंबगे को धक्का दे दिया, जिससे मामला और बिगड़ गया। स्थिति को संभालने के लिए अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को बीच में आकर खिलाड़ियों को अलग करना पड़ा।


फाइनल से पहले बयान और आगे की स्थिति

श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे ने यह भी कहा कि उनकी टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिन्हें पता है कि ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में कैसे व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम का फोकस सिर्फ खेल पर है और किसी भी तरह के विवाद को बढ़ावा देने का इरादा नहीं है।इस घटना के बाद क्रिकेट जगत में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया, जबकि कुछ का मानना है कि उच्च दबाव वाले मुकाबलों में इस तरह की घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं।अब सभी की नजरें 21 जून को होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारत ए और श्रीलंका ए फिर आमने-सामने होंगे। भारतीय खेमे में वैभव सूर्यवंशी पर खास ध्यान रहेगा, जबकि श्रीलंका ए अपनी सफाई के साथ मैदान पर मजबूत वापसी करने की कोशिश करेगी।