राम मंदिर चढ़ावे पर बड़ा रहस्य

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में नया मोड़ सामने आया है। एसआईटी जांच के दौरान लगभग 60 किलोग्राम चांदी की शिलाओं और कई बहुमूल्य हारों का रिकॉर्ड नहीं मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। जांच एजेंसियां अब चढ़ावे के रिकॉर्ड, स्टोर प्रबंधन और संबंधित दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं।

राम मंदिर चढ़ावे पर बड़ा रहस्य

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 20 जून 2026

राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच तेज

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य मिले हैं जिन्होंने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। सबसे बड़ा सवाल लगभग 60 किलोग्राम चांदी की शिलाओं और कुछ बहुमूल्य हारों को लेकर खड़ा हुआ है, जिनका स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिल पाया है।सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त चढ़ावे, उसके भंडारण, रिकॉर्ड संधारण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही हैं। मामले में सामने आई जानकारी ने मंदिर प्रशासन से जुड़े कई प्रक्रियागत सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

60 किलोग्राम चांदी की शिलाएं बनीं रहस्य

एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि बड़ी मात्रा में चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई चांदी की शिलाओं का पूरा हिसाब रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं मिला। जांच अधिकारियों के अनुसार लगभग 60 किलोग्राम चांदी की शिलाओं को लेकर दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्धता के बीच अंतर की आशंका व्यक्त की जा रही है।यही नहीं, कुछ बहुमूल्य हारों और अन्य कीमती वस्तुओं के संबंध में भी रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन के दौरान सवाल खड़े हुए हैं। इसी कारण जांच टीम ने संबंधित दस्तावेजों और रजिस्टरों की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है।

रिकॉर्ड और स्टॉक का किया जा रहा मिलान

जांच दल मंदिर में प्राप्त चढ़ावे का पूरा विवरण खंगाल रहा है। इसमें दानदाताओं द्वारा अर्पित सोना, चांदी, नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं का रिकॉर्ड शामिल है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न समयावधियों के स्टॉक रजिस्टर, प्राप्ति रसीदें, भंडारण रिकॉर्ड और सुरक्षा अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है।सूत्रों का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि रिकॉर्ड में दर्ज वस्तुएं वास्तविक रूप से उपलब्ध हैं या नहीं। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विशेष टीम जुटा रही साक्ष्य

एसआईटी विभिन्न कर्मचारियों, संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन से जुड़े लोगों से पूछताछ भी कर रही है। जांच के दौरान मंदिर परिसर से जुड़े कई दस्तावेज और रिकॉर्ड भी एकत्र किए गए हैं। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे के संरक्षण और प्रबंधन की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक हुई या फिर जानबूझकर किसी तरह की गड़बड़ी की गई।जांच अधिकारी उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा लॉग और रिकॉर्ड प्रविष्टियों का भी अध्ययन कर रहे हैं ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला को समझा जा सके।

चढ़ावे की व्यवस्था पर उठे सवाल

राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नकदी के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भी चढ़ावे के रूप में अर्पित की जाती हैं।ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी संभावित अनियमितता का मामला संवेदनशील माना जा रहा है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।60 किलोग्राम चांदी की शिलाओं और कथित रूप से गायब बताए जा रहे बहुमूल्य हारों का रहस्य अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े इस मामले पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं और सभी को एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।