बलूचिस्तान और केपीके में एयर स्ट्राइक

पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रहे हमलों के बाद अफगानिस्तान ने पहली बार बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की है। अफगान वायुसेना ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कथित आईएसआईएस ठिकानों पर ड्रोन और हवाई हमले किए।

बलूचिस्तान और केपीके में एयर स्ट्राइक

दि राइजिंग न्यूज़ | काबुल | 20 जून 2026

पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का बड़ा जवाब

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कई हवाई हमले किए हैं। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में आईएसआईएस और उससे जुड़े आतंकी नेटवर्क के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है।

ड्रोन हमलों से कई ठिकाने निशाने पर

अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार वायुसेना ने ड्रोन और अन्य हवाई संसाधनों की मदद से पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में स्थित कई संदिग्ध ठिकानों पर हमला किया। मंत्रालय का कहना है कि इन स्थानों का उपयोग अफगानिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि इन ठिकानों का इस्तेमाल पहले भी कई घातक हमलों की योजना तैयार करने और आतंकियों को संचालन संबंधी सहायता देने के लिए किया गया था।

बलूचिस्तान के कई इलाकों को बनाया निशाना

अफगानिस्तान की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बलूचिस्तान के किला अब्दुल्ला जिले के गुलिस्तान क्षेत्र और चगाई जिले के शकर अब जंगल गार्डी इलाके में स्थित ठिकानों पर हमला किया गया। इन स्थानों को आईएसआईएस और अन्य दुश्मन तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बताया गया है।अफगान सेना का दावा है कि हमलों के दौरान कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया और आतंकियों के बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची।

खैबर पख्तूनख्वा में भी कार्रवाई

बलूचिस्तान के अलावा खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई क्षेत्र में भी एयर स्ट्राइक की गई। अफगानिस्तान के अनुसार यहां आईएसआईएस-खोरासान से जुड़े तत्व सक्रिय थे। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों को भी निशाना बनाया गया जहां कथित रूप से आतंकवादी संगठनों के वरिष्ठ सदस्य आते-जाते थे।रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अभियान के दौरान सभी पूर्व निर्धारित लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया।

पाकिस्तान के हमलों के बाद बढ़ा तनाव

पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था। पाकिस्तान ने हाल ही में अफगान सीमा के भीतर हवाई हमले किए थे। अफगान तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 बच्चे शामिल थे, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसके हमले आतंकवादी ठिकानों पर केंद्रित थे और उनमें कई आतंकवादी मारे गए।

अफगानिस्तान का सख्त संदेश

अफगान रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश अब अपनी सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों और क्षमताओं का उपयोग करने के लिए तैयार है।सरकार का कहना है कि यदि भविष्य में भी देश के खिलाफ किसी प्रकार की साजिश या हमला करने की कोशिश की गई तो उसी तरह कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।

आतंकवाद को लेकर दोनों देशों में आरोप-प्रत्यारोप

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी संगठन कर रहे हैं। वहीं अफगान तालिबान इन आरोपों को खारिज करता है और कहता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद उसकी आंतरिक समस्या है।दोनों देशों के बीच यही विवाद लंबे समय से तनाव की प्रमुख वजह बना हुआ है। हालिया हवाई हमलों के बाद यह तनाव और अधिक बढ़ गया है तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आने लगी हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर बढ़ी चिंता

 यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहा तो पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है। दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाले इस रणनीतिक क्षेत्र में बढ़ता तनाव व्यापार, सीमा सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी असर डाल सकता है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देश आगे कूटनीतिक रास्ता अपनाते हैं या फिर सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों का दौर और तेज होता है।