वैभव सूर्यवंशी को मिला बीसीसीआई का विशेष सहारा

भारतीय क्रिकेट के युवा प्रतिभाशाली बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उनके माता-पिता भी टीम के साथ रहेंगे। बोर्ड का मानना है कि कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को संभालने में पारिवारिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

वैभव सूर्यवंशी को मिला बीसीसीआई का विशेष सहारा

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 19 जून 2026

वैभव सूर्यवंशी के लिए बीसीसीआई का बड़ा फैसला

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला लिया है। महज 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दरवाजे पर खड़े इस युवा बल्लेबाज को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान पारिवारिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए बोर्ड ने उनके माता-पिता को भी साथ भेजने का निर्णय लिया है।क्रिकेट विशेषज्ञ इस फैसले को भारतीय क्रिकेट इतिहास में युवा खिलाड़ियों के मानसिक और भावनात्मक विकास को प्राथमिकता देने वाले कदम के रूप में देख रहे हैं।

कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी

वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट में सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है।अब उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है, जहां उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की संभावना जताई जा रही है।हालांकि इतनी कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के साथ विदेशी दौरे पर जाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। नए देश, नया माहौल, मीडिया का दबाव और प्रदर्शन की अपेक्षाएं युवा खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बढ़ा सकती हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने वैभव की उम्र और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।उन्होंने कहा कि किसी किशोर खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का वातावरण पूरी तरह अलग होता है। ऐसे में माता-पिता की मौजूदगी उसे मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास प्रदान कर सकती है।सैकिया के अनुसार परिवार का साथ मिलने से खिलाड़ी मैदान के बाहर अधिक सहज महसूस करता है और उसका पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित रह सकता है।

स्कूल टूर जैसा उदाहरण

बीसीसीआई सचिव ने इस फैसले को समझाते हुए एक दिलचस्प उदाहरण भी दिया।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्कूलों में कम उम्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण के दौरान अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, उसी प्रकार वैभव जैसे युवा खिलाड़ी के लिए भी पारिवारिक समर्थन आवश्यक है।उनका मानना है कि इससे कई संभावित समस्याओं का समाधान पहले ही हो जाएगा और खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

भविष्य का सितारा मान रहा बोर्ड

बीसीसीआई वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का दीर्घकालिक निवेश मान रहा है।देवजीत सैकिया ने कहा कि वैभव आने वाले दो से तीन दशकों तक भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। इसी कारण बोर्ड उनके करियर की शुरुआत से ही हर पहलू पर विशेष ध्यान दे रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड केवल तकनीकी विकास ही नहीं बल्कि खिलाड़ियों के मानसिक और भावनात्मक संतुलन को भी उतना ही महत्वपूर्ण मानता है।

सचिन तेंदुलकर का भी किया गया जिक्र

बीसीसीआई सचिव ने 1989 में सचिन तेंदुलकर के पाकिस्तान दौरे का उदाहरण भी दिया।उस समय सचिन केवल 16 वर्ष के थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों ने उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग दिया था, जिसने उनके करियर को मजबूत आधार प्रदान किया।बोर्ड का मानना है कि वैभव को भी इसी तरह का सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए ताकि वह अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।

अनुभवी खिलाड़ियों के बीच मिलेगा मार्गदर्शन

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टी20 टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी करेंगे जबकि संजू सैमसन, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं।इन खिलाड़ियों का अनुभव वैभव के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अलावा तिलक वर्मा, जिनकी कप्तानी में वैभव हाल ही में भारत-ए टीम के लिए खेले हैं, इस दौरे पर उपकप्तान की भूमिका में रहेंगे। राजस्थान रॉयल्स में उनके साथी रवि बिश्नोई भी टीम में मौजूद हैं।

श्रीलंका में चर्चा में आया था नाम

हाल ही में श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान भी वैभव सूर्यवंशी चर्चा का विषय बने थे। श्रीलंका-ए के खिलाफ एक मुकाबले के बाद सुपर ओवर समाप्त होने पर मैदान पर हुए विवाद में उनका नाम सामने आया था। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र के खिलाड़ियों को ऐसे अनुभवों से सीखने और परिपक्व बनने का अवसर मिलता है।

फाइनल मुकाबले पर टिकी निगाहें

वर्तमान में वैभव श्रीलंका में चल रही त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत-ए टीम का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ शानदार जीत के बाद भारतीय टीम फाइनल में पहुंच चुकी है। वैभव अभी अपने पहले लिस्ट-ए अर्धशतक की तलाश में हैं और फाइनल मुकाबले में उनके पास खुद को साबित करने का एक और अवसर होगा। इस प्रदर्शन के बाद वह भारतीय सीनियर टीम के साथ अपने करियर के सबसे महत्वपूर्ण विदेशी दौरे पर रवाना होंगे।

भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद

 वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। बीसीसीआई का यह फैसला दिखाता है कि अब भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्थिरता और व्यक्तिगत विकास को भी उतना ही महत्व दिया जा रहा है जितना उनके प्रदर्शन को। यदि वैभव इस अवसर का सही उपयोग करते हैं तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड का आगामी दौरा उनके अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत का महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है।