ब्लैक फ्राइडे! तकनीकी शेयरों ने डुबाए

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी एक्सेंचर द्वारा वृद्धि अनुमान घटाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में आईटी क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। आईटी सूचकांक करीब छह प्रतिशत तक टूट गया और निवेशकों की लगभग दो लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। विशेषज्ञों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक बताया है।

ब्लैक फ्राइडे! तकनीकी शेयरों ने डुबाए

दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 19 जून 2026

शेयर बाजार में मचा हड़कंप, आईटी शेयरों ने डुबाए 2 लाख करोड़ रुपये

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी क्षेत्र के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ बिकवाली शुरू हो गई। इस गिरावट का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया, जबकि कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आई नकारात्मक खबरों ने निवेशकों के भरोसे को बड़ा झटका दिया है और इसी वजह से बाजार में भारी दबाव देखने को मिला।

वैश्विक कंपनी के फैसले का भारतीय बाजार पर असर

दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी और परामर्श सेवा कंपनी एक्सेंचर द्वारा अपने वार्षिक वृद्धि अनुमान में कटौती किए जाने के बाद वैश्विक निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई। कंपनी ने अपने कारोबारी प्रदर्शन को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क रुख अपनाया है। इसके बाद दुनिया भर के प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े शेयरों पर दबाव बढ़ गया। भारतीय बाजार में भी इसी का असर देखने को मिला और निवेशकों ने आईटी कंपनियों के शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी।

आईटी सूचकांक में ऐतिहासिक गिरावट

आईटी क्षेत्र का प्रमुख सूचकांक कारोबार के दौरान लगभग छह प्रतिशत तक टूट गया। यह हाल के समय की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। सूचकांक में एक हजार छह सौ अंकों से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में निराशा का माहौल बन गया। बाजार में मौजूद निवेशकों और विश्लेषकों ने इसे आईटी क्षेत्र के लिए बड़ा झटका बताया है।

दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

देश की कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की बिकवाली के कारण प्रमुख कंपनियों के शेयर पांच से आठ प्रतिशत तक लुढ़क गए। क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार पूंजीकरण में भी बड़ी कमी आई। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक मांग को लेकर बढ़ी आशंकाओं ने इस गिरावट को और तेज कर दिया।

निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान

बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद निवेशकों की संपत्ति में लगभग दो लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। अचानक आई इस गिरावट ने छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों को प्रभावित किया। कई निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि बाजार में अनिश्चितता का माहौल और गहरा हो गया। कारोबार के शुरुआती घंटों में ही बाजार का रुख पूरी तरह नकारात्मक हो गया था।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और खर्च में कटौती बना चिंता का कारण

वैश्विक स्तर पर कंपनियां अब खर्चों को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग के बीच तकनीकी सेवाओं पर होने वाले खर्च में कमी की आशंका जताई जा रही है। यही कारण है कि निवेशकों को भविष्य में आईटी क्षेत्र की आय और विकास दर को लेकर चिंता सताने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में इस क्षेत्र में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख

विश्लेषकों के अनुसार वर्तमान गिरावट अल्पकालिक दबाव का परिणाम हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में मजबूत कंपनियां फिर से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और तकनीकी क्षेत्र में निवेश का रुझान आगे की दिशा तय करेगा। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है। बाजार की अगली चाल अब वैश्विक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।

निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान

बाजार में आई इस भारी गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। आईटी क्षेत्र में बिकवाली इतनी तेज रही कि कई प्रमुख कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में हजारों करोड़ रुपये की गिरावट आ गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह हाल के वर्षों में आईटी क्षेत्र की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है।

इंफोसिस समेत दिग्गज कंपनियों को बड़ा झटका

आईटी कंपनियों में सबसे अधिक दबाव इंफोसिस पर देखने को मिला, जिसके शेयरों में करीब 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एमफैसिस और एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में भी भारी कमजोरी रही। इन कंपनियों के बाजार मूल्य में सामूहिक रूप से हजारों करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे पूरे क्षेत्र में निराशा का माहौल बन गया।