फ्रैक्चर दाहिने हाथ में, प्लास्टर बाएं पर

उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है। छह वर्षीय बच्ची के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद अस्पताल कर्मचारियों ने उसके बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। घटना के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

फ्रैक्चर दाहिने हाथ में, प्लास्टर बाएं पर

दि राइजिंग न्यूज़ | देवरिया | 19 जून 2026

मेडिकल कॉलेज में सामने आई बड़ी लापरवाही

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले स्थित महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक छह वर्षीय बच्ची के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद अस्पताल कर्मचारियों ने उसके बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। घटना के सामने आने के बाद परिजनों में नाराजगी है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले के उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

खेलते समय घायल हुई थी बच्ची

जानकारी के अनुसार देवरिया की भुजौली कॉलोनी निवासी अल्पना उपाध्याय की छह वर्षीय बेटी खेलते समय गिर गई थी। गिरने से उसके दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने पहले एक निजी चिकित्सक से संपर्क किया, जहां एक्स-रे कराने की सलाह दी गई। एक्स-रे रिपोर्ट में दाहिने हाथ में चोट और फ्रैक्चर की पुष्टि होने के बाद बच्ची को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

डॉक्टर ने प्लास्टर की दी सलाह

मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक ने बच्ची की जांच की और एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद प्लास्टर कराने का निर्देश दिया। इसके बाद परिजन बच्ची को अस्पताल के प्लास्टर कक्ष में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि प्लास्टर कक्ष में मौजूद कर्मचारी ने चिकित्सक द्वारा लिखे गए पर्चे और एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बावजूद गंभीर गलती कर दी।

गलत हाथ पर चढ़ा दिया प्लास्टर

आरोप है कि दाहिने हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद कर्मचारी ने बच्ची के बाएं हाथ पर प्लास्टर चढ़ा दिया। प्लास्टर होने के बाद जब परिजनों ने स्थिति देखी तो उन्हें गलती का पता चला। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते यह गलती सामने नहीं आती तो बच्ची को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद बच्ची की मां अल्पना उपाध्याय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामले ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया है और लोग स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

अस्पताल प्रशासन ने लिया संज्ञान

मामले के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है। मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एच. के. मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान की जाएगी।

दोषियों पर होगी कार्रवाई

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या चिकित्सक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मिश्रा के अनुसार मरीजों की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और उपचार प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लास्टर जैसी सामान्य चिकित्सा प्रक्रिया में भी यदि ऐसी गलती हो जाए तो यह गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पतालों में उपचार के दौरान पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि अस्पताल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मानवीय भूल थी या उपचार प्रक्रिया में गंभीर स्तर की लापरवाही का मामला।