ओम प्रकाश राजभर को शिवपाल यादव की खुली चुनौती, बोले- विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने ओम प्रकाश राजभर पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि वह भविष्य में विधानसभा तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी में टूट की अटकलों को भी खारिज किया और आगामी चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा किया।

ओम प्रकाश राजभर को शिवपाल यादव की खुली चुनौती, बोले- विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएंगे

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 18 जून 2026


उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेज हुई बयानबाजी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप और जुबानी हमलों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जसवंत नगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष तथा प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर बड़ा हमला बोला है। शिवपाल यादव ने दावा किया कि आने वाले समय में राजभर की राजनीतिक जमीन कमजोर पड़ जाएगी और वह विधानसभा तक नहीं पहुंच पाएंगे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति में इस तरह के बयान और अधिक तीखे होते जाएंगे। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव अब खुलकर सामने आने लगा है।

समाजवादी पार्टी को लेकर किए जा रहे दावों पर पलटवार

शिवपाल सिंह यादव ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिनमें समाजवादी पार्टी के भीतर टूट या सांसदों के अलग होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी जनप्रतिनिधि के पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उनके अनुसार विपक्ष को कमजोर दिखाने के लिए जानबूझकर इस प्रकार की बातें फैलाई जा रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता केवल चर्चा में बने रहने और राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। शिवपाल ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर उसका जवाब भी देगी।

ओम प्रकाश राजभर को सीधे चुनौती

शिवपाल यादव ने अपने बयान में ओम प्रकाश राजभर को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वह स्वयं उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाकर जनसभाएं और बैठकें करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जनता के बीच जाकर वह राजभर की राजनीति की वास्तविकता उजागर करेंगे और आने वाले चुनावों में उन्हें कड़ी चुनौती देंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल नारों और दावों से प्रभावित होने वाली नहीं है। जनता विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर निर्णय करेगी। ऐसे में राजनीतिक दलों और नेताओं को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।

दो हजार सत्ताईस को लेकर किया बड़ा दावा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में प्रदेश में नई सरकार बनने की पूरी संभावना है। उनके अनुसार जनता वर्तमान व्यवस्था से निराश है और एक मजबूत विकल्प की तलाश कर रही है।शिवपाल यादव ने कहा कि पार्टी संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और गांव से लेकर शहर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ रही है। यही कारण है कि विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान दिखाई दे रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना

अपने बयान के दौरान शिवपाल यादव ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के दावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की बातें केवल राजनीतिक बयान हैं और उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जनता के बीच विपक्ष की ताकत लगातार बढ़ रही है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की राजनीति में जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होता है और चुनावी परिणाम उसी के आधार पर तय होते हैं। इसलिए केवल बयानबाजी से राजनीतिक समीकरण नहीं बदलते।

विपक्ष ने एकजुटता का किया दावा

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि पार्टी के भीतर किसी प्रकार का असंतोष नहीं है और संगठन पूरी तरह मजबूत स्थिति में है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि विपक्ष को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का कोई आधार नहीं है। उनका कहना है कि जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनावों को देखते हुए सभी दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। ऐसे में नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।

दो हजार सत्ताईस के चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी

प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक माहौल अभी से गरमाने लगा है। विभिन्न दलों के नेता लगातार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं और अपने समर्थकों को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। शिवपाल यादव और ओम प्रकाश राजभर के बीच छिड़ा यह नया राजनीतिक विवाद भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयान चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।