रेत विवाद में तीन लोगों की दर्दनाक मौत
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र में एक फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगने से भाजपा नेता समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | कोरिया | 19 जून 2026
रेत खनन विवाद ने लिया हिंसक रूप
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई हिंसक घटना में एक फॉर्च्यूनर वाहन आग की चपेट में आ गया, जिससे भाजपा नेता समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाजपा नेता समेत तीन लोगों की मौत
पुलिस के अनुसार मृतकों में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, वीरेंद्र सिंह और नागेंद्र सिंह शामिल हैं। बताया गया कि नागेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में घायल अन्य लोगों को पहले अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया।
लंबे समय से चल रहा था विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार नौगई गांव में रेत उत्खनन को लेकर दो पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। एक पक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का संबंध मनोज त्रिपाठी और उनके परिजनों से बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी थीं। क्षेत्र में तनाव की स्थिति पहले से बनी हुई थी।
वाहन को घेरने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलवार रात विवाद अचानक बढ़ गया। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने रास्ता रोककर फॉर्च्यूनर वाहन को घेर लिया। बताया जा रहा है कि वाहन में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह और अन्य लोग सवार थे। आरोप है कि वाहन को पहले एक ट्रक से टक्कर मारी गई और बाद में उसमें आग लगा दी गई।
आग में फंस गए वाहन सवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद वाहन में बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि वाहन के लॉक होने के कारण सवार लोग आग की लपटों में फंस गए। आग तेजी से फैलने के कारण वाहन पूरी तरह जल गया। घटना में कुछ लोगों को गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में बाहर निकाला गया, लेकिन तीन लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस और प्रशासन तुरंत पहुंचा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
नौ नामजद आरोपियों पर केस
पुलिस ने मामले में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी के नाम शामिल बताए गए हैं।
हत्या और हत्या के प्रयास की धाराएं
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण रेत उत्खनन से जुड़ा मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वाहन में आग किन परिस्थितियों में लगी और घटना की पूरी साजिश कैसे रची गई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं
घटना के बाद राजनीतिक दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। क्षेत्रीय विधायक भैयालाल राजवाड़े ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के इतिहास में इस प्रकार की घटना अत्यंत दुर्लभ और चिंताजनक है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी घटना की निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने जिले में कानून व्यवस्था और अवैध खनन से जुड़े विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले हुए विवादों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। जांच एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।