बिहार में हैवानियत की सारी हदें पार: गैंगरेप

बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरतापूर्ण हिंसा का मामला सामने आया है। पीड़िता के आरोपों के अनुसार पांच लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया और गंभीर शारीरिक यातना दी। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

बिहार में हैवानियत की सारी हदें पार: गैंगरेप

दि राइजिंग न्यूज़ | बेगूसराय | 19 जून 2026

बिहार में हैवानियत की सारी हदें पार

बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आया एक कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला बन गया है। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार पांच लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद गंभीर शारीरिक हिंसा की। घटना के कई दिनों बाद जब पीड़िता लगातार असहनीय दर्द से परेशान रही और दोबारा अस्पताल पहुंची, तब चिकित्सकीय जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पुलिस और प्रशासन को भी गंभीर कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।

देर रात शौच के लिए निकली थी महिला

पीड़िता के अनुसार घटना 11 जून की रात की है। महिला घर से शौच के लिए बाहर निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे पांच लोगों ने उसे पकड़ लिया। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसके पति को कमरे में बंद कर दिया ताकि वह सहायता के लिए बाहर न निकल सके। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसका मुंह बंद कर दिया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाया गया जहां कथित रूप से पांचों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

विरोध करने पर की गई क्रूरता

महिला का आरोप है कि दुष्कर्म के दौरान और उसके बाद आरोपियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान पाए जाने की बात भी सामने आई है। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसे गंभीर रूप से घायल किया और घटना के बाद उसे तड़पती हुई हालत में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। हालांकि दर्द और परेशानी लगातार बनी रही।

छह दिन बाद जांच में सामने आए गंभीर तथ्य

पीड़िता की तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच और अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टरों ने कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद कीं। इस खुलासे के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया। अस्पताल में चिकित्सकीय टीम ने आवश्यक उपचार शुरू किया और संबंधित रिपोर्ट पुलिस को भी उपलब्ध कराई गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर महिला का दोबारा बयान दर्ज किया।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती

पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह लगातार आरोपियों से उसे छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। महिला का कहना है कि वह घटना के दौरान बेहोश भी हो गई थी और बाद में उसे घर के पास छोड़ दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले भी कुछ लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की थी। उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

पति को कमरे में बंद करने का आरोप

महिला के पति भी घटना के दौरान घर में मौजूद थे। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। शोर सुनने के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सके। बाद में परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया और महिला को अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस पर शुरुआती स्तर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद तत्काल और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

कई अधिकारियों को जांच में लगाया गया

मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कई पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिस कर्मियों को जांच में लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

स्पीडी ट्रायल की तैयारी

जांच अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले को स्पीडी ट्रायल के माध्यम से अदालत में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे मामले पर राज्य भर की नजर बनी हुई है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।