इंडिया ए की दमदार जीत से फाइनल की राह आसान

ट्राई-सीरीज वनडे के करो या मरो मुकाबले में इंडिया-ए ने अफगानिस्तान-ए को 101 रनों से हराकर फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र के अर्धशतकों के बाद निशांत सिंधु की घातक गेंदबाजी ने भारत को बड़ी जीत दिलाई।

इंडिया ए की दमदार जीत से फाइनल की राह आसान

दि राइजिंग न्यूज़ | दांबुला | 18 जून 2026

करो या मरो मुकाबले में भारत की बड़ी जीत

ट्राई-सीरीज वनडे टूर्नामेंट के अहम मुकाबले में इंडिया-ए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान-ए को 101 रनों से हरा दिया। दांबुला में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 319 रन बनाए और फिर अफगानिस्तान को 218 रनों पर समेट दिया। इस जीत के साथ भारत ने फाइनल में पहुंचने की अपनी संभावनाओं को काफी मजबूत कर लिया है। अब नेट रन रेट के आधार पर भारतीय टीम बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।

प्रियांश और वैभव ने दिलाई तेज शुरुआत

पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए को वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए केवल 8 ओवर में 75 रन जोड़कर अफगान गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाई। उन्होंने 28 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। हालांकि शॉर्ट गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह फरीदून दाऊदजई का शिकार बन गए। दूसरी ओर प्रियांश आर्य ने तेज बल्लेबाजी जारी रखी और केवल 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 58 रनों की आकर्षक पारी खेली, लेकिन आक्रामक शॉट लगाने के प्रयास में कैच आउट हो गए।

तिलक वर्मा और कुशाग्र ने संभाली पारी

तेज शुरुआत के बाद भारत की रन गति कुछ धीमी पड़ी, लेकिन कप्तान तिलक वर्मा और उपकप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने का प्रयास किया। गायकवाड़ 30 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तिलक ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर बनाए रखी। तिलक वर्मा ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 67 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दूसरे छोर पर कुमार कुशाग्र ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 60 गेंदों में पचासा जड़ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 104 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कुशाग्र ने 58 रन बनाए जबकि तिलक वर्मा ने 56 रनों का योगदान दिया।

अंतिम ओवरों में तेजी से बने रन

मध्यक्रम की मजबूत साझेदारी के बाद विप्रज निगम ने अंतिम ओवरों में तेज बल्लेबाजी की। उनकी उपयोगी पारी की बदौलत भारतीय टीम का स्कोर 300 रनों के पार पहुंच गया। निर्धारित 50 ओवरों में इंडिया-ए ने 9 विकेट खोकर 319 रन बनाए, जो धीमी पिच पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर माना जा रहा था।

अफगानिस्तान की अच्छी शुरुआत

320 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान-ए ने सकारात्मक शुरुआत की। बाहिर शाह और फैसल शिनोजादा ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। बाहिर शाह ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 57 रन बनाए। वहीं फैसल शिनोजादा ने 46 रनों का योगदान दिया। कप्तान इमरान मीर ने भी 32 रन बनाकर संघर्ष किया।

निशांत सिंधु बने जीत के नायक

अफगानिस्तान की पारी को रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निशांत सिंधु ने निभाई। उन्होंने सटीक गेंदबाजी करते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। बाहिर शाह और शिनोजादा के आउट होते ही अफगानिस्तान की बल्लेबाजी बिखर गई। टीम के अंतिम छह विकेट मात्र 45 रनों के भीतर गिर गए, जिससे मैच पूरी तरह भारत के पक्ष में चला गया।

218 रन पर सिमटी अफगान टीम

एक समय मुकाबले में बनी हुई अफगानिस्तान-ए की टीम भारतीय गेंदबाजों के दबाव के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 36.5 ओवर में 218 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 101 रनों की शानदार जीत दर्ज की। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर अफगानिस्तान को किसी भी बड़ी साझेदारी का मौका नहीं दिया।

फाइनल की दौड़ में मजबूत हुई स्थिति

इस जीत के बाद भारत की फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। यदि अफगानिस्तान अपनी अंतिम लीग भिड़ंत में श्रीलंका को हरा भी देता है और तीनों टीमों के चार-चार अंक हो जाते हैं, तब भी भारत का नेट रन रेट सबसे बेहतर रहने के कारण फाइनल का टिकट लगभग सुनिश्चित माना जा रहा है।

वैभव सूर्यवंशी का मिला-जुला प्रदर्शन

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन मिश्रित रहा है। उन्होंने अब तक चार पारियों में 117 रन बनाए हैं। श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले मैच में 14 रन, अफगानिस्तान-ए के खिलाफ 44 रन, श्रीलंका-ए के विरुद्ध 21 रन और अब 38 रन की पारी खेली है। हालांकि बड़ी पारी अभी उनके बल्ले से नहीं निकली है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में दिखाई दे रही आक्रामकता और आत्मविश्वास ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान जरूर खींचा है। इंडिया-ए को उम्मीद होगी कि आगामी मुकाबलों में यह युवा बल्लेबाज अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में सफल रहेगा।