काले जादू या जहरीली शराब का रहस्य: रहस्यमयी मौतें
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में आठ ग्रामीणों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्रामीण जहरीली शराब, तांत्रिक गतिविधियों और साजिश की आशंका जता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | बलौदाबाजार | 19 जून 2026
आठ मौतों से दहला पूरा गांव
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में आठ ग्रामीणों की रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में हुई इन मौतों के बाद ग्रामीण लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक के बाद एक लोगों की जान कैसे चली गई। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब ग्रामीणों ने इन मौतों के पीछे जहरीली शराब, तांत्रिक गतिविधियों और सुनियोजित साजिश की आशंका जताई।
फरवरी से मई के बीच हुईं आठ मौतें
जानकारी के अनुसार 6 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच गांव के आठ लोगों की मौत हुई। ग्रामीणों का दावा है कि सभी मृतकों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की परिस्थितियां काफी हद तक एक जैसी थीं। इसी समानता ने गांव के लोगों के मन में संदेह पैदा किया कि कहीं इन मौतों के पीछे कोई बड़ा कारण तो नहीं छिपा है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस से गहन जांच की मांग की। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और मृतकों के शवों को दोबारा परीक्षण के लिए निकलवाया।
कब्र से निकाले गए शव
जांच के तहत 13 जून को महेतरू साहू के शव को कब्र से निकालकर जांच के लिए भेजा गया। इसके बाद 16 जून को छह अन्य शवों को भी बाहर निकालकर रायपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय मेकाहारा भेजा गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस का मानना है कि इन रिपोर्टों से मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
जहरीली शराब की आशंका
ग्रामीणों के बीच सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि मृतकों को कथित तौर पर जहरीली शराब पिलाई गई हो सकती है। गांव के कुछ लोगों का आरोप है कि स्थानीय निवासी रामसे जायसवाल द्वारा उपलब्ध कराई गई शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। ग्रामीणों का दावा है कि शराब में कथित रूप से किसी जहरीले पदार्थ को मिलाया गया था। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने भी इस संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। जांच एजेंसियां शराब के नमूनों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौतों का संबंध किसी विषैले पदार्थ से था या नहीं।
ऑडियो रिकॉर्डिंग से बढ़ा रहस्य
मामले को नया मोड़ तब मिला जब घटना से जुड़ी दो कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आईं। इन रिकॉर्डिंग्स में एक व्यक्ति ग्रामीणों को पुलिस के पास न जाने और ऐसा करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी देता हुआ सुनाई दे रहा है। हालांकि इन ऑडियो रिकॉर्डिंग्स की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने भी सार्वजनिक रूप से इनकी सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इसलिए इन्हें फिलहाल जांच का हिस्सा मानकर देखा जा रहा है।
खजाने और तांत्रिक गतिविधियों की चर्चा
गांव में मौतों को लेकर एक और चर्चा जोर पकड़ रही है। कई ग्रामीणों का दावा है कि एक स्थानीय व्यक्ति अक्सर जमीन में दबे खजाने को निकालने और उससे जुड़े अनुष्ठानों की बातें करता था। इसी आधार पर गांव में तंत्र-मंत्र, काला जादू और अन्य रहस्यमयी गतिविधियों की अफवाहें फैलने लगीं। हालांकि पुलिस ने अब तक ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी वैज्ञानिक तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की पड़ताल कर रहे हैं।
21 लोगों को निशाना बनाने की आशंका
गांव के कुछ लोगों ने दावा किया है कि केवल आठ लोगों की मौत ही नहीं हुई, बल्कि कथित तौर पर 21 लोगों को निशाना बनाने की योजना हो सकती थी। ग्राम पंचायत प्रतिनिधि मयराम नवरंगे ने भी ऐसी आशंका जताई है। उनका कहना है कि गांव के एक व्यक्ति की तबीयत कथित रूप से शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ गई थी। वह कई घंटों तक बेहोश रहा, लेकिन बाद में उसकी जान बच गई। इसी घटना के बाद ग्रामीणों का संदेह और गहरा हो गया। हालांकि इन दावों की भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन फॉरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही हैं और मौतों के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन आठ मौतों के पीछे जहरीली शराब, किसी अन्य विषैले पदार्थ का प्रभाव था या फिर कोई और कारण जिम्मेदार था। फिलहाल खरवे गांव में भय, असमंजस और सवालों का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद इस रहस्यमयी मामले की सच्चाई सामने आएगी और यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।