नीट पुनर्परीक्षा से पहले बढ़ी हलचल
नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर राहुल गांधी ने कोटा में छात्रों से संवाद कर शिक्षा प्रणाली की कमियों और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उठाया, वहीं दूसरी ओर टेलीग्राम ने परीक्षा से पहले लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 18 जून 2026
कोटा में छात्रों से बोले राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और उनके सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों और उनकी समस्याओं को समझना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। राहुल गांधी ने कहा कि कोटा में उपस्थित छात्रों के बीच आकर उन्हें सम्मान और खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस संवाद का केंद्र राजनीति नहीं बल्कि छात्र और उनका भविष्य है। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई ऐसे प्रश्न हैं जिन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
भारत जोड़ो यात्रा का किया उल्लेख
छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात लाखों युवाओं से हुई थी। इस दौरान वे लगातार युवाओं से उनके भविष्य और करियर को लेकर सवाल पूछते थे। उन्होंने कहा कि अधिकांश युवाओं से उन्हें केवल पांच प्रकार के उत्तर मिले। इनमें इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, आईएएस और सशस्त्र बलों में जाने की इच्छा प्रमुख थी। राहुल गांधी के अनुसार उन्हें कभी कोई छठा उत्तर नहीं मिला, जिसने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था युवाओं को सीमित विकल्पों तक ही क्यों बांध देती है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली बच्चों की विविध प्रतिभाओं और रुचियों को पर्याप्त महत्व नहीं देती। उनका मानना है कि छात्रों को अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था अक्सर उन्हें तयशुदा रास्तों पर चलने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था समय के साथ कमजोर क्यों हुई और निजी शिक्षा इतनी महंगी क्यों होती चली गई। उनके अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बड़ा हिस्सा निजी संस्थानों तक सीमित हो जाने से आम परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता
राहुल गांधी ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था विद्यार्थियों पर अत्यधिक दबाव डालती है, जिससे तनाव और मानसिक समस्याएं बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए यह अच्छी स्थिति नहीं है कि उसकी शिक्षा प्रणाली छात्रों को दबाव और तनाव के बीच जीने के लिए मजबूर करे। उनके अनुसार शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को आगे बढ़ाना होना चाहिए, न कि उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना।
आत्महत्या रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत
कोटा में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र रहते हैं। ऐसे में राहुल गांधी ने छात्र आत्महत्या के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि समाज, सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और परिवारों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिसमें कोई भी छात्र आत्महत्या के बारे में सोचने को मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए जहां हर छात्र को सहयोग, मार्गदर्शन और मानसिक मजबूती मिल सके।
टेलीग्राम पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट
दूसरी ओर नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया है। कंपनी ने केंद्र सरकार की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले का उल्लेख अवकाशकालीन पीठ के समक्ष किया गया, जिसके बाद अदालत ने तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी। टेलीग्राम की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि इस प्रतिबंध से देशभर में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं।
एनटीए ने बताई प्रतिबंध की वजह
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अपने बयान में कहा था कि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए यह कदम उठाया गया। एजेंसी के अनुसार संगठित नकल गिरोहों और अभ्यर्थियों को ठगने वाले नेटवर्क की गतिविधियों को देखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था के हित में अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत का फैसला परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर असर डाल सकता है।
शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ी बहस
राहुल गांधी के कोटा दौरे और टेलीग्राम प्रतिबंध विवाद ने एक बार फिर देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा सुरक्षा को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी स्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।